गुरुवार 9 जुलाई 2026 - 23:38
इराक़ में शहीद सुप्रीम लीडर के जनाज़े में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी

नजफ़ अशरफ़ और करबला-ए-मौअल्ला में शहीद सुप्रीम लीडर की ऐतिहासिक अंतिम यात्रा में इराक़ी अधिकारियों के अनुसार एक करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया और यह कार्यक्रम बिना किसी सुरक्षा संबंधी घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रहबर-ए-शहीद आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई की अंतिम यात्रा के लिए गठित इराक़ की उच्च समिति ने घोषणा की है कि प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार नजफ़ अशरफ़ और करबला-ए-मौअल्ला में आयोजित अंतिम यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह विशाल आयोजन बिना किसी सुरक्षा दुर्घटना या अप्रिय घटना के समाप्त हुआ।

इराक़ की सरकारी समाचार एजेंसी (वाअ) के अनुसार, शहीद आयतुल्लाह सय्यद अली हुसैनी ख़ामनेई की अंतिम यात्रा की योजना और व्यवस्थाओं की ज़िम्मेदार उच्च समिति ने गुरुवार को बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नजफ़ अशरफ़ और करबला-ए-मुअल्ला में आयोजित अंतिम यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए।

इराक़ के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रमुख तथा उच्च समिति के अध्यक्ष एहसान यासीन अल-अव्वादी ने एक बयान में कहा कि इस्लामी जगत और दुनिया भर के लोगों ने गहरे दुख और शोक के साथ शहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम यात्रा में भाग लिया।

उन्होंने बताया कि ज़िम्मेदारी सौंपे जाने के शुरुआती समय से ही समिति ने इस्लामी गणराज्य ईरान के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन, अतबा-ए-अलविया, अतबा-ए-हुसैनिया और अतबा-ए-अब्बासिया के प्रबंधकों, संयुक्त अभियान कमान, सुरक्षा एवं सेवा संस्थानों तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें कर व्यापक योजना तैयार की।

अल-अव्वादी के अनुसार इस योजना में विशेष समितियों का गठन, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन के लिए विभिन्न रणनीतियाँ तैयार करना, शोक मनाने वालों और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आवाजाही का प्रबंधन, मार्गों की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तथा सभी प्रशासनिक और सुरक्षा संस्थानों को पूरी तरह सतर्क रखना शामिल था। इसके अलावा विभिन्न संगठनों और हजारों स्वयंसेवकों ने भी इन व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि नजफ़ अशरफ़ और करबला-ए-मुअल्ला में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की मौजूदगी के बावजूद सभी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया और पूरा कार्यक्रम पूरी व्यवस्था और अनुशासन के साथ बिना किसी उल्लेखनीय सुरक्षा घटना के संपन्न हुआ। उनके अनुसार यह सफलता विभिन्न संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय, जनता के सहयोग तथा सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के दिन-रात के प्रयासों का परिणाम है।

समिति के अध्यक्ष ने आगे बताया कि शहीद आयतुल्लाह ख़ामनेई तथा उनके परिवार के चार अन्य शहीद सदस्यों के पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह स्थानीय समयानुसार साढ़े आठ बजे नजफ़ अशरफ़ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से ईरान के पवित्र शहर मशहद के लिए रवाना कर दिए गए।

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